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कुछ करने की चाह में दिव्यांग अंजना ने यूं बनाई पेंटिंग, विदेशों में भी है चर्चा

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Rishikesh: हमारे देश में कई युवा ऐसे जिनके अंदर काफी टेलेंट है। लेकिन किन्हीं कारणों से वह उजागर नहीं हो पाता है। जी हां कुछ ऐसा ही योग नगरी ऋषिकेश में देखने को मिला। यहां अजंना मलिक जो मायाकुन्ड, ऋषिकेश में किराये की झोपड़ी में रहती है। इनके दोनों हाथ जन्म से ही कंधों से नहीं है,दोनों पैरों से भी दिव्यांग है, पैर छोटे बड़े हैं। चल नहीं सकती,जमीन पर रेंग कर चलने को मजबूर है। ये महिला उम्दा दर्जे की चित्रकार है, इसी के चलते अपना व अपने वृद्ध माता का भरण-पोषण करती है। इसी चित्रकारी व पेन्टिंग के दम पर ऋषिकेश में अपनी अलग पहचान बना ली है।

यूं बनातीं है पेंटिंग 

दोनों छोटे बड़े पैरों से खूबसूरत पेन्टिंग बनाती है, इसके चित्रकारी से विदेशी मेहमान भी प्रभावित हैं। अंजना पैरों से ही पेन्टिंग व चित्रकारी का काम करती है। इसके हुनर को सब सलाम करते हैं। ऋषिकेश में रामझूला रोड़ के किनारे अंजना सबका मन मोह ले रही है।इसकी चित्रकारी को विदेशी लोग खूब पसंद कर रहे हैं। अंजना जन्म से ही दिव्यांग है, उसकी पेन्टिंग को देश में ही नहीं विदेश में भी खूब पसन्द किया जा रहा है।

यहां की है निवासी 

अंजना उत्तर प्रदेश के पीलीभीत कस्बे की रहने वाली है। कई सालों से ऋषिकेश में भीख मांगकर व पेन्टिंग से ही खर्च चलाती है। आप भी उसके बनाये पेंटिंग को खरीद सकते हैं। जानकारी मिली है कि उप जिलाधिकारी ऋषिकेश शैलेन्द्र सिंह नेगी ने व्यक्तिगत रुचि लेकर अंजना का आय प्रमाणपत्र,आयुष्मान कार्ड, दिव्यांग पेंशन का सत्यापन,गाड़ी का पास आदि कागजात तैयार कराये हैं। साथ ही सहायता राशि जुटाने में भी प्रयत्नशील हैं।

यूं करें मदद

अंजना मलिक का मोबाइल नम्बर 8433161010 है, जो भी पेंटिंग खरीदना चाहते हों या आर्थिक सहायतार्थ के इच्छुक हो तो उनका खाता विवरण भी संलग्न है।सरकार को भी ऐसे चित्रकार व पेंटिंग निर्माता को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है।

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