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Sachin Pilot: पत्रकार से नेता बने पायलट फिर CM पद के दावेदार, विरासत में मिले बगावती तेवर, ऐसा रहा सियासी सफर

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वो लड़का जो एक मीडिया संस्थान में इंटर्न था। इसके बाद एक अमरीकी कंपनी जनरल मोटर्स में नौकरी की, फिर 26 साल की उम्र में अजमेर का सबसे युवा सांसद बना। 32 में महनमोहन सरकार में केंद्रीय मंत्री, 36 में राजस्थान कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष और 40 साल में प्रदेश का उप मुख्यमंत्री बना। हम बात कर रहे हैं कांग्रेस नेता सचिन पायलट की।

जिन्होंने कम उम्र में ऊंची उड़ान भरी। एक बार फिर वह राजस्थान मुख्यमंत्री पद के दावेदार हैं। एक बार फिर इसलिए क्योंकि इससे पहले 2018 में भी वह राजस्थान के मुख्यमंत्री बन सकते थे, लेकिन बाजी अशोक गहलोत मार गए। अब गहलोत का कांग्रेस अध्यक्ष बनना तय माना जा रहा है, ऐसे प्रदेश के नए सीएम को लेकर सचिन पायलट और सीपी जोशी के नाम की चर्चा चल रही है। अब जानते हैं सचिन पायलट के सियासी सफर के बारे में…।

उत्तर प्रदेश में पैदा हुए 
सचिन पायलट का जन्म उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में साल 1977 में हुआ था। उनके पिता राजेश पायलट एयर फोर्स में थे। बाद में वह कांग्रेस के दिग्गज नेता बने। पायलट की मां रमा पायलट भी विधायक रहीं। पायलट को परिवार में ही राजनीति माहौल मिला, लेकिन वह कभी नेता नहीं बनना चाहते थे। 45 साल के पायलट ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा की शुरुआत दिल्ली के एयर फोर्स बाल भारती स्कूल से की। दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफेंस कॉलेज से स्नातक की डिग्री ली। इसके बाद उन्होंने अमरीका के पेंसिलवानिया विश्वविद्यालय के व्हॉर्टन स्कूल से एमबीए की डिग्री भी हासिल की।

सचिन पायलट दिल्ली में एक मीडिया संस्थान में बतौर इंटर्न और एक अमरीकी कंपनी जनरल मोटर्स में भी काम कर चुके हैं। पायलट अपने पिता की तरह वायुसेना में भर्ती होना चाहते थे। वह विमानों को उड़ानें का ख्वाब देखा करते थे, लेकिन आंखें कमजोर होने के कारण उनका यह सपना अधूरा रह गया। एक पुराने इंटरव्यू में पायलट ने इसे लेकर कहा था कि जब मुझे पता चला कि मेरी आंखों की रोशनी कमजोर है तो मेरा दिल टूट गया था। मैं अपने पिता की तरह एयरफोर्स पायलट बनना चाहता था।

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